Monthly Archives: May 2012

Ashish Pandey

हमारे द्वारा लिखी गयी कुछ पंक्तियाँ ………..कृपया ध्यान दे …..


                             

आज मैं और मेरी तन्हाई ये बातें करते हैं ….
की काश ऐसा नहीं होता तो क्या बात होती ?
दुनिया बालों की बातें इस कदर याद नहीं आई होती ………
कहते तो सब थे की चीज तू भी बड़े काम की है ……..
लेकिन हमें तो उसकी यादें आज भी याद आई है….
वो दिन ,वो शाम वो रातों का कहर ….याद आता है मुझको वो सब शामो सहर इस कदर …..
जब हम आते थे ट्रेन की रफ़्तार में….दिल झूमता रहता था….सिर्फ तेरे ही प्यार में
जब हम पहुचते हैं गलियों में अपनी…….दिल डूब जाता हैतेरे ही खुमार में ….

                                                   
मोहब्बत की झूठी कसमे खाने वालेथोड़ी सी तो शर्म करो……

कम से कम एक बार प्यार करने से पहले उस खुदा से तो डरो…..




Warm Regards


Ashish pandey

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Ashish Pandey

हमारे द्वारा लिखी गयीक्यूँपे कुछ पंक्तियाँ ………..कृपया ध्यान दे …..
हर रौशनी के पीछे एक अँधेरा सा क्यूँ है ?
ना जाने हर सख्श अंदर से गहरा क्यूँ है ?
यूँ तो हर इंसान ऊपर से खुश  नजर आता है……
फिर भी उसके माथे पे फैली सिकन सी क्यूँ है ?


                                                
जब हम पाना चाहते है उन सारे सवालों जबाब ……
फिर भी हम ना जाने क्यूँ पाते इतने सारे क्यूँ है…?
फिर हम मांगते है जबाब, उपर वाले  से …….और
उपर वाला भी कहता है कि …..तुम्हे इन सारे सबालो के जबाब पाने ही आज क्यूँ है ?
आज ना जाने रुकी यह जिंदगी सी क्यूँ है ?
और इस जिंदगी में रुकी खामोशियाँ सी क्यूँ है ?
काश इस जिंदगी ने क्यूँ का जबाब दे दिया होता…..तो
आज हम ना जाने कहाँ होते ?
अगर आज वो हमारे साथ होते
तो हम आज इस क्यूँ का जबाब नहीं खोज रहे होते……
फिर उपर वाला कहता है कि क्यूँ करते हो इतना प्यार किसी सेकि
हर क्यूँ तुम्हे क्यूँ ही नजर आता है….तुमसे तुम्हारा दिल ही पराया पाया जाता है….
फिर मैं सोचता हूँ ….कि अगर आज वो हमारे साथ होते….
तो हम आज इस क्यूँ का जबाब नहीं खोज रहे होते……….
सौजन्य  से ….